कैंसिल चेक क्या होता है? कैंसल चेक कैसे बनाया जाता है? जाने

Cancelled Cheque क्या होता है और लोन प्रक्रिया में इसकी भूमिका क्या है? जानिए उदाहरण सहित पूरा उपयोग और फॉर्मेट।

Home All GST कैंसिल चेक क्या होता है? कैंसल चेक कैसे बनाया जाता है? जाने Home  >  Resources  >   Blog Home  >  Resources  >   Blog   >  कैंसिल चेक क्या होता है? कैंसल चेक कैसे बनाया जाता है? जाने कैंसिल चेक क्या होता है? कैंसल चेक कैसे बनाया जाता है? जाने Written by admin Reviewed by Posted on Feb 13, 2024 Modified on Aug 01, 2025 0 Likes 0 Comments Contents hide 1 कैंसिल चेक क्या होता है 2 कैंसिल चेक क्या होता है 3 कैंसिल चेक कैसे बनाएं 4 कैंसल्ड चेक की जरूरत कब पड़ती है 5 कैंसिल चेक जारी करते समय कुछ बातों का ध्यान रखें कैंसिल चेक क्या होता है चाहे इंटरनेट बैंकिंग ने हमारी बैंकिंग सुविधाओं को कितना भी आसान कर दिया हो लेकिन कई जगहों पर आज भी हमें कैंसिल चेक का उपयोग करने की जरूरत पड़ती है।  ज्यादातर आपने देखा होगा कि बैंक या वित्तीय संस्थान कैंसिल चेक की मांग करते हैं। कैंसिल चेक की मांगी इसीलिए की जाती है क्योंकि इसके द्वारा आपके बैंक की जानकारी की पुष्टि करना आसान हो जाता है। इसीलिए यह चेक कई जगहों पर एक वैध बैंक अकाउंट के सबूत के तौर पर जमा किए जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि कैंसिल चेक का महत्व क्या है और इसकी किस जगह पर जरूरत पड़ती है? अगर नहीं तो आप इस लेख के माध्यम से यह जान पाएंगे कि कैंसिल चेक कैसा होता है और इसकी जरूरत किस जगह पर पड़ती है। इसीलिए इस लेख को अंत तक पढ़ें। कैंसिल चेक क्या होता है कैंसिल चेक एक तरह का क्रॉस चेक होता है जिस पर कि दो समानांतर लाइन होती है और उन समानांतर लाइनों के बीच में कैंसिल शब्द लिखा होता है। यह कैंसिल शब्द इसीलिए लिखा जाता है ताकि कोई भी आपका चेक का उपयोग गैर कानूनी रूप से अपने वित्तीय लेनदेन में उपयोग न करें। लेकिन फिर भी आपको यह जानकर निश्चिंत नहीं हो जाना चाहिए कि आपके कैंसिल चेक का कहीं भी गैर कानूनी रूप से उपयोग नहीं किया जाएगा। कैंसिल चेक में कई तरह की संवेदनशील जानकारी होती है जैसे बैंक अकाउंट नंबर, खाताधारक का नाम, चेक नंबर, एमआईसीआर कोड और आईएफएससी कोड जिसको कोई भी हैकर या ग़लत व्यक्ति चुरा कर उसका गलत तरीके से उपयोग कर सकता है। इसीलिए यह जरूरी है कि आप जहां भी कैंसिल चेक का उपयोग कर रहे हैं उस जगह बहुत संभाल करके इसका उपयोग करें। कैंसिल चेक कैसे बनाएं जब आप किसी बैंक या फिर गैर वित्तीय संस्थान में कैंसिल चेक को जमा करना चाहते हैं तो आपको कुछ दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। इसीलिए नीचे दिए गए बिंदुओं को ध्यान से पढ़ें: एक नया चेक लें और उस पर कोई भी जानकारी नहीं डालें। कैंसिल चेक पर हस्ताक्षर नहीं किए जाते। उस चेक पर केवल दो समानांतर लाइन खींचें। उन दोनों समानांतर लाइनों के बीच में कैंसल्ड शब्द अंग्रेजी के कैपिटल लेटर्स में लिखें। जब आप उन दो समानांतर लाइनों को खींचे तब यह ध्यान रखें कि वह लाइन चेक पर दी गई किसी भी जानकारी के ऊपर ना आएं क्योंकि आप जहां भी इस चैक का उपयोग करने जा रहे हैं उसका उद्देश्य आपका चेक पर लिखे हुए अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड, खाताधारक का नाम, बैंक का नाम, बैंक का पता या एमआईसीआर कोड जानना है। कैंसल्ड चेक की जरूरत कब पड़ती है कैंसल की जरूरत कई कारणों से पड़ती है। नीचे दिए हुए कारणों को समझें: केवाईसी के लिए केवाईसी की जरूरत स्टॉक मार्केट, म्युचुअल फंड या फिर किसी अन्य फाइनेंशियल स्कीम में निवेश करते समय पड़ती है। यह बाकी अन्य पहचान पत्र, पता प्रमाण पत्र आदि कागजों की तरह जरूरी होता है। यह संस्थाएं इस चेक को इसीलिए मांगती है क्योंकि यह चेक आपको उसे बैंक का खाता धारक दर्शाता है और साथ ही वह इसके द्वारा आपके बैंक की जरूरी जानकारियां इकट्ठा कर लेती हैं। इस तरीके से वित्तीय संस्थाएं आपके द्वारा दी गई बैंक की जानकारी को भी वेरीफाई करती हैं। इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरेंस सर्विस  इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरेंस सर्विस का इस्तेमाल अपने बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने के किए जाता है। क्या आप भी इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरेंस सर्विस का उपयोग करना चाहते हैं ? अगर हां तो आपको अपनी बैंक में एक कैंसिल चेक देना पड़ेगा। यह एक आवश्यक कागजात है जो कि बैंक आपके बैंक अकाउंट पर ECS सुविधा को शुरू करने के लिए मांगती है। इसके जरिए आप अपने बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में फंड आसानी से ट्रांसफर कर पाएंगे। EMI के लिए अगर अगर आप अपने लोन की रकम EMI के द्वारा चुकाना चाहते हैं तो आपकी बैंक या गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था आपसे एक कैंसिल चेक मांगेगा। यह एक जरूरी कागजात है जो कि आपकी EMI रिक्वेस्ट को मंजूरी देगा । इसके जरिए आपकी लोन प्रदान करने वाली संस्था आपके बैंक अकाउंट को वेरीफाई करती है। वह संस्था आपके बैंक अकाउंट से ईएमआई की रकम हर महीने खुद ही काट सकती है। डीमैट अकाउंट अगर आप शेयर बाजार में खरीदारी करना चाहते हैं तो आपको डीमैट अकाउंट की जरूरत पड़ेगी। डीमैट अकाउंट आपकी एक रिक्वेस्ट पर नहीं खुलता है। इसके लिए आपको एक एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा और उसके साथ ही कुछ जरूरी कागजात जैसे पहचान पत्र और पता प्रमाण पत्र लगाने होंगे। इसके अतिरिक्त आपको एक कैंसिल चेक भी देना पड़ेगा। यह सारे कागजात आपके स्टॉक ब्रोकरेज कंपनी को भेज दिए जाएंगे। फिर उसके बाद आपका डिमैट अकाउंट आप की सेविंग बैंक अकाउंट से लिंक हो जाएगा और जब कभी भी आप अपने अकाउंट से सेविंग अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करना चाहेंगे तो बहुत सुविधाजनक तरीके से आपका पैसा ट्रांसफर हो जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि पाने के लिए अगर आपके इपीएफ अकाउंट की एक्सपायरी डेट आ चुकी है और आप अपनी राशि को पाना चाहते हैं तो आपको अपनी संस्था में न केवल एक फॉर्म भरना होगा बल्कि उसके साथ ही एक कैंसिल चेक भी देना होगा यह कैंसिल चेक आपकी संस्था इसीलिए मांगती है ताकि वह कैंसिल चेक के द्वारा आपके बैंक अकाउंट में सीधे आपकी जमा पूंजी को पहुंच सके। बीमा पॉलिसी अगर आपको स्वास्थ्य बीमा या ज