Term Loan
Home > टर्म लोन टर्म लोन(Term Loan) टर्म लोन क्या हैटर्म लोन सामान्य भाषा में बिज़नेस के लिए लिया गया कर्ज या ऋण है जो एक निश्चित अवधि में नियमित ईएमआई में चुकाने के लिए विभिन्न प्रकार के बैंकों या वित्तीय संस्थाओं द्वारा दिया जाने वाला बिज़नेस लोन होता है। आमतौर पर टर्म लोन फिक्सड …
Home > टर्म लोन टर्म लोन सामान्य भाषा में बिज़नेस के लिए लिया गया कर्ज या ऋण है जो एक निश्चित अवधि में नियमित ईएमआई में चुकाने के लिए विभिन्न प्रकार के बैंकों या वित्तीय संस्थाओं द्वारा दिया जाने वाला बिज़नेस लोन होता है। आमतौर पर टर्म लोन फिक्सड और फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट दोनों पर मिल जाते हैं। टर्म लोन बिज़नेस लोन के तौर पर लिया जाता है जो किसी भी व्यक्ति, व्यवसायी, उद्यमी, छोटे फर्म के व्यवसायी, पार्टनरशिप फर्म, स्वरोज़गार, नौकरीपेशा, उत्पादक, सूक्ष्म-लघु उद्योग (MSME), एकल स्वामित्व, निजी तौर पर आयोजित लघु व्यवसाय या गैर-सरकारी संस्थानों को प्रदान किया जाता है। टर्म लोन किसी भी प्रकार के व्यवसाय को शुरु करने के लिए या अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए लिया जाता है। अथवा अपने व्यवसाय से जुड़ी किसी भी प्रकार की आपूर्ति को पूरा करने के लिए लिया जाता है। उदाहरण के लिए अगर कोई अपने स्टार्टअप बिज़नेस के लिए अथवा अपने बिज़नेस को बढ़ाने के लिए किसी प्रकार की मशीन, वाहन या दूसरे उपकरणों को खरीदना चाहता है तो उसे टर्म लोन के द्वारा बिज़नेस लोन मिल जाता है। सिक्योर्ड लोन में निश्चित अवधि के लिए प्रदान किए गए लोन को चुकाने तक व्यवसायी को अपनी उस संपति को बैंक या कर्ज देने वाली संस्था के पास गिरवी के रुप में या गारंटर के तौर पर रखना पड़ता है। जिसमें कर्ज पर लगने वाली इंटरेस्ट रेट कम होती है और उस संपत्ति से अर्जित की गई आय से व्यवसायी लिए गए कर्ज को ईएमआई में मासिक, छह माह या फिर साल भर में चुकाता है। अनसिक्योर्ड लोन में कर्ज देने वाली संस्था को किसी प्रकार की गांरटी या संपत्ति को गिरवी रखने की जरुरत नहीं होती है। ऐसी स्थिति में लोन देने वाली संस्था पूंजी को डूबने से बचाने के लिए अधिक इंटरेस्ट रेट वसूलती हैं। टर्म लोन तीन प्रकार के होते हैं, जो कर्ज लेने वाली की फंडिग आवश्यकता के कुछ कारकों पर निर्भर करते हैं। लंबी अवधि के लिए लिया गया ऋण जो आमतौर पर 5 साल के लिए लिया जाता है। कुछ विशेष स्थिति में यह अवधि 5 साल से बढकर दस साल या उससे अधिक के लिए भी हो जाती है। इस प्रकार का टर्म लोन सिक्योर्ड लोन होता है। मध्यवर्ती ऋण जिसकी अवधि 1 साल से ज्यादा या 1 से 5 साल तक के बीच के लिए होती है। इस प्रकार के लोन की एक खास सीमा होती है, जिसमें लोन लेने वाले व्यक्ति को लोन की जरुरत अपने कारोबार से संबधित मशीन, उपकरण अथवा दूसरी आवश्यक सामग्री को खरीदने के लिए होती है। अल्पावधि ऋण, जिसे अमूमन वो लोग लेते हैं जिनका व्यापार पहले से ही स्थापित हो और मुनाफें में चल रहा हो। लेकिन किसी कारणवश कैश फ्लो में रुकावट आने के कारण उन्हें तत्काल या मध्यम आकार के राशि की जरुरत होती है जिसे कम से कम समय में चुकाया जा सकता है। इस प्रकार के लोन 1 साल या 1 साल से कम के लिए लिया जाता है। बिज़नेस लोन सरकारी बैंक या गैर-सरकारी बैंक एक निश्चित फिक्सड और फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट पर देती है। जिसमें हर बैंक या संस्थान का अपना इंटरेस्ट रेट तय होता है। बिज़नेस लोन लेने से पहले लोन लेने वाला व्यक्ति ऑनलाइन ईएमआई कैलकुलेटर की मदद से अपनी ईएमआई राशि का पता लगा सकता है। कार्यालय के लिए जमीन खरीदने, बिज़नेस से संबंधित बिल्डिंग के कंस्ट्रक्शन के लिए, ऑफिस के लिए जमीन किराए पर लेने के हेतु, बिज़नेस को बढ़ाने हेतु मशीन या उपकरण खरीदने के लिए, बिल्डिंग में किसी भी प्रकार की मरम्मत कराने के लिए, बिज़नेस के कैश फ्लो को ठीक करने के लिए आप टर्म लोन ले सकते हैं। जिसे आप 1 से 5 साल और कभी-कभी ऋण राशि के आधार पर दस साल से अधिक अवधि के लिए भी ले सकते हैं। बिज़नेस के लिए टर्म लोन सरकारी बैंकों, रजिस्टर्ड गैर-सरकारी बैंकों या वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रदान किया जाता है। आवेदक को बैंक या संस्थान की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वहां दिए गए एप्लिकेशन फॉर्म को भरना होता है। जिसमें मांगे गए जरुरी कागज़ातों के साथ भरे हुए एप्लीकेशन फॉर्म को जमा करने के बाद एंजेट आवेदक से संपर्क करके आगे की कार्यवाही को पूरा करते हैं। लोन लेने वाले व्यक्ति को बिज़नेस के लिए टर्म लोन लेते समय एक महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना चाहिए। जब भी कोई किसी संपत्ति को खरीदने या बनाने या अपने स्टार्टअप बिज़नेस के लिए लोन लेता है तो बैंक उसे लोन की पूरी राशि नहीं देती है। बल्कि उस संपत्ति की जो कीमत है उस राशि का कुछ प्रतिशत हिस्सा कर्ज लेने वाले व्यक्ति को नगद में जमा करना होता है और बाकी की बची राशि बैंक प्रदान करती है। बैंक भी एक तरह की फंडिग पैटर्न पर काम करती है। ये फंडिग पैटर्न तीन तरीके से काम करता है। पहला पैटर्न है जिसमें लोन लेने वाले व्यक्ति को लोन का 40 प्रतिशत हिस्सा नगद यानी कि कैश जमा करना होता है और बाकी के 60 प्रतिशत बैंक देती है। इसी तरह से दूसरे पैटर्न के हिसाब से ऋणकर्ता को 30 प्रतिशत हिस्सा नगद में देना होता है और बाकी का 70 प्रतिशत हिस्सा बैंक लोन के रुप में देती है। तीसरे पैटर्न में कर्ज लेने वाले व्यक्ति को 25 प्रतिशत हिस्सा कैश में देना होता है और बाकि के 75 प्रतिशत बैंक लोन के तौर पर प्रदान करती है। यदि किसी भी कारणवश आप लोन ली गई राशि को दिए गए समयावधि में नहीं चुका पाते हैं तो बैंक या कर्ज देने वाली संस्था के पास यह अधिकार होता है कि वो आपके द्वारा बैंक के पास गारंटर के तौर पर या गिरवी रखी संपत्ति को बेचकर अपनी पूंजी को निकाल ले। बिजनेस लोन के फायदे, पात्रता, आवेदन करने का तरीके जानने के लिए अभी www.flexiloan.com वेबसाइट पर जाएं।टर्म लोन(Term Loan)
टर्म लोन क्या है
टर्म लोन कैसे लें?
टर्म लोन की श्रेणी-
सुरक्षित ऋण या सिक्योर्ड लोन
असुरक्षित ऋण या अनसिक्योर्ड लोन
टर्म लोन कितने प्रकार के होते हैं
लान्ग टर्म लोन
इंटरमीडियट टर्म लोन
शार्ट टर्म लोन
टर्म लोन लेने के लिए योग्यता और शर्तें-
टर्म लोन के फाय़दें
बिज़नेस लोन इंटरेस्ट रेट EMI कैलकुलेटर
बिज़नेस लोन क्यों लेते हैं
बिज़नेस के लिए लोन कहां से मिलेगा
बिज़नेस लोन कैसे मिलता है
बिज़नेस लोन लेने के रिस्क
बिज़नेस लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज़