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फ्लेक्सीलोन्स गाइड: ASPIRE स्कीम (MSME) – उद्देश्य, फायदे और आवेदन प्रक्रिया

Posted on
जनवरी 07, 2026
Modified on
जनवरी 09, 2026
फ्लेक्सीलोन्स गाइड: ASPIRE स्कीम (MSME) – उद्देश्य, फायदे और आवेदन प्रक्रिया

एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड जो आपको ASPIRE स्कीम समझने और उसका लाभ उठाने में मदद करेगा – भारत की पहल जो बिज़नेस इनक्यूबेटर्स के ज़रिए ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देती है।

Authored By FlexiLoans | Date: 7/1/2026

  • संक्षिप्त सारांश (Quick Summary)
  • क्या: एक सरकारी योजना जो ग्रामीण भारत में इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देती है, Livelihood और Technology Business Incubators के ज़रिए।
  • क्यों: ASPIRE संस्थानों को ₹1 करोड़ तक की फाइनेंशियल सपोर्ट देती है, ताकि MSME-आधारित रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ाया जा सके।
  • कौन: NGOs, Technical Institutes, Industry Associations और Universities – जो ग्रामीण इनक्यूबेटर्स शुरू करना चाहते हैं।
  • कैसे: LBIs के लिए ₹75 लाख और TBIs के लिए ₹1 करोड़ तक। आवेदन DC-MSME के माध्यम से करना होता है।
  • यूज़ केस: उन संस्थानों के लिए आदर्श जो ग्रासरूट डेवलपमेंट, स्किलिंग प्रोजेक्ट्स या इनक्यूबेटर आधारित बिज़नेस मॉडल बनाना चाहते हैं।

भारत में ग्रामीण उद्यमिता और MSME ग्रोथ को 2015 में ASPIRE स्कीम (A Scheme for Promotion of Innovation, Rural Industries and Entrepreneurship) शुरू करके रणनीतिक बढ़ावा मिला। यह योजना MSME मंत्रालय की ओर से शुरू की गई थी।

इस स्कीम के तहत निजी संस्थानों को ₹75 लाख और सरकारी-लिंक्ड संस्थानों को ₹1 करोड़ तक की फाइनेंशियल ग्रांट दी जाती है। यह सहायता ग्रामीण इलाकों में स्मॉल बिज़नेस क्रिएशन, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए दी जाती है।

यह स्कीम Technical Institutes, Universities, Industry Associations और NGOs को Livelihood Business Incubators (LBIs) और Technology Business Incubators (TBIs) स्थापित करने के लिए सपोर्ट करती है। ये सेंटर कृषि-आधारित स्टार्टअप्स और ग्रामीण इनोवेशन को इंफ्रास्ट्रक्चर, मेंटरशिप और मार्केट रेडीनेस के माध्यम से बढ़ावा देते हैं।

इस ब्लॉग में हम बताएंगे कि कौन आवेदन कर सकता है, कितनी फंडिंग मिलती है और ASPIRE स्कीम का पूरा फायदा कैसे उठाया जा सकता है।

क्या आपकी संस्था ASPIRE स्कीम के लिए पात्र है?

ASPIRE स्कीम मुख्य रूप से संस्थानों और रजिस्टर्ड संगठनों के लिए बनाई गई है, न कि व्यक्तियों के लिए। इसका उद्देश्य ऐसे इनक्यूबेटर्स को फंड करना है जो कृषि आधारित क्षेत्रों, ग्रामीण उद्योगों और स्किल डेवलपमेंट को सपोर्ट करते हैं।

Suitability Checklist: क्या आप आवेदन कर सकते हैं?

प्रश्न हाँ/नहीं
क्या आप भारत में एक रजिस्टर्ड लीगल एंटिटी हैं (NGO, Institute, Association)?
क्या आप कृषि, ग्रामीण या इनक्यूबेशन इकोसिस्टम में काम करते हैं?
क्या आप एक नया इनक्यूबेशन सेंटर (LBI या TBI) शुरू कर सकते हैं या विस्तार कर सकते हैं?
क्या आपके प्रपोज़ल में रोजगार सृजन या स्किल ट्रेनिंग शामिल है?
क्या आप प्रोजेक्ट आउटकम्स और रिपोर्ट्स ऑडिट के साथ सबमिट करने के इच्छुक हैं?

 

कौन आवेदन कर सकता है? (Eligible Institutions)

  • Technical Institutions (ITI, Polytechnic, Engineering Colleges)
  • Universities और Academic Bodies – पब्लिक या प्राइवेट
  • Industry Associations या Chambers
  • NGOs और Registered Societies
  • MSME Development Institutes (DC-MSME के अंतर्गत)
  • Existing Incubators/Startup Support Agencies

ASPIRE के अंतर्गत समर्थित सेक्टर्स (Sectors Supported)

समर्थित व्यवसाय क्षेत्र (Supported Business Areas) विवरण (Description)
कृषि-प्रसंस्करण इकाइयाँ (Agro-processing Units) Startups जो farm products या organic products को value-add करते हैं
ग्रामीण निर्माण (Rural Manufacturing) Handloom, Handicrafts या कम-टेक्नोलॉजी वाले ग्रामीण उत्पाद
स्किल-बिल्डिंग सेंटर्स (Skill-Building Centres) युवा, महिलाएँ और कारीगरों के लिए training programs
ग्राम उद्योग (Village Industries) स्थानीय रोजगार सृजन करने वाले small-scale businesses

ASPIRE स्कीम: फाइनेंशियल सपोर्ट और फंडिंग स्ट्रक्चर

ASPIRE स्कीम का सबसे बड़ा आकर्षण है कि यह वित्तीय सहायता (Financial Assistance) उपलब्ध कराती है। चाहे आप Livelihood Business Incubator (LBI) बना रहे हों या Technology Business Incubator (TBI), यह योजना आपके प्रोजेक्ट के पैमाने और ज़रूरत के अनुसार स्ट्रक्चर्ड सपोर्ट देती है।

फंडिंग का अवलोकन (Funding Overview)

इन्क्यूबेटर के प्रकार के अनुसार अनुमोदित अनुदान तालिका

इन्क्यूबेटर के प्रकार के अनुसार अनुमोदित अनुदान तालिका

नोट: फंडिंग अप्रूवल के बाद किस्तों में दी जाती है, और यह प्रोजेक्ट माइलस्टोन और Utilisation Certificate पर आधारित होती है।


मुख्य फाइनेंशियल गाइडलाइंस (Key Financial Guidelines)

1.Recurring vs Non-Recurring: ग्रांट में इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी, ट्रेनिंग किट और ऑपरेशनल एक्सपेंसेज़ कवर होते हैं।

2. Utilisation Timeline: अधिकांश ग्रांट 2 साल में उपयोग करने होते हैं।

3. No Direct Subsidy: व्यक्तियों को सीधे सब्सिडी नहीं मिलती, केवल संस्थानों को मिलती है।

ASPIRE स्कीम के लिए आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

Step 1: Eligibility जांचें

  • संस्था रजिस्टर्ड होनी चाहिए (PAN, GST, Incorporation Certificate)।
  • Rural Innovation या Job Creation से जुड़ा प्रोजेक्ट होना चाहिए।
Aspire Scheme आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़

Step 2: Project Proposal तैयार करें

  • आप LBI या TBI में से कौन सा इनक्यूबेटर शुरू करना चाहते हैं।
  • ट्रेनिंग मॉड्यूल, टेक्नोलॉजी और टारगेट ग्रुप।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर और बजट प्लान।
  • अपेक्षित रोजगार और सामुदायिक प्रभाव।

Step 3: आवेदन जमा करें (Submit Application)

  • Online (MSME Portal पर)
  • या नज़दीकी MSME-DI/DC-MSME ऑफिस में फिजिकल सबमिशन।

संलग्न डॉक्युमेंट्स (Attachments):

  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट
  • रजिस्टर्ड एंटिटी डॉक्युमेंट्स
  • बैंक अकाउंट डिटेल्स
  • Board Resolution/Authorisation Letter

Step 4: समीक्षा और अप्रूवल (Scrutiny & Approval)

आवेदन DC-MSME Screening Committee द्वारा जांचा जाता है।

Evaluation Parameters:

  • प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता (Feasibility)
  • सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
  • ASPIRE मिशन के साथ Alignment

अनुमानित समयरेखा (Estimated Timeline)

प्रक्रिया चरण (Process Stage) समय का अनुमान (Time Estimate)
प्रपोज़ल तैयारी (Proposal Preparation) 2–3 सप्ताह
सबमिशन और जांच (Submission & Scrutiny) 4–6 सप्ताह
फंड वितरण (Fund Disbursement) अप्रूवल के बाद चरणबद्ध (Phase-wise post-approval)

4-स्टेप आवेदन रोडमैप

ASPIRE स्कीम के मुख्य फायदे (Key Benefits of the ASPIRE Scheme)

ASPIRE स्कीम केवल एक फंडिंग इनिशिएटिव नहीं है; यह भारत में ग्रामीण उद्यमिता, स्किल-बिल्डिंग और रोजगार सृजन के लिए एक रणनीतिक सक्षमकर्ता है। यहाँ इस स्कीम के ठोस फायदों पर नज़र डालते हैं, जो इनक्यूबेटर संस्थानों और MSMEs दोनों को मिलते हैं।

1. इनक्यूबेटर विकास के लिए वित्तीय सहायता (Financial Assistance for Incubator Development)

जो संस्थान Livelihood Business Incubators (LBIs) या Technology Business Incubators (TBIs) स्थापित करते हैं, उन्हें ₹1 करोड़ तक की फंडिंग मिल सकती है। यह पूंजी फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, ट्रेनिंग इक्विपमेंट खरीदने और इनोवेशन-फ्रेंडली वातावरण तैयार करने में मदद करती है।
कई NGOs और टेक्निकल संस्थानों के लिए यह underserved क्षेत्रों में नए इनक्यूबेशन सेंटर शुरू करने की लागत बाधा को दूर करता है।

Grant Highlight: LBI के लिए ₹75 लाख और TBI के लिए ₹1 करोड़ तक, DC-MSME के माध्यम से सरल आवेदन और डिस्बर्समेंट प्रोसेस के साथ।

2. स्किल ट्रेनिंग के ज़रिए ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा (Boosting Rural Employment Through Skill Training)

ASPIRE-समर्थित LBIs युवाओं और स्मॉल उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण (food processing), हस्तशिल्प (handicrafts), एग्री-टेक (agri-tech) और रिपेयर सर्विसेज जैसी ट्रेड्स में ट्रेनिंग देने के लिए बनाए गए हैं।
हैंड्स-ऑन लर्निंग और जॉब-ओरिएंटेड ट्रेनिंग देकर यह स्कीम क्षेत्रीय बेरोजगारी और माइग्रेशन को कम करती है।

Impact Tip: ASPIRE के तहत ग्रामीण इनक्यूबेटर्स ने भारत के हज़ारों युवाओं को ट्रेन किया है, खासकर Tier 3 और रिमोट डिस्ट्रिक्ट्स में।

3. MSME इनोवेशन पाइपलाइन को मज़बूत करना (Strengthening the MSME Innovation Pipeline)

इनक्यूबेटर्स को फंडिंग देकर, जो इनोवेशन-आधारित उद्यमिता पर केंद्रित हैं, ASPIRE टिकाऊ और स्केलेबल MSMEs के विकास को बढ़ावा देता है।
TBIs अक्सर टेक्नोलॉजी-सक्षम माइक्रो-एंटरप्राइजेज को सपोर्ट करते हैं जो कृषि, क्लीन एनर्जी और ग्रामीण सप्लाई चेन की चुनौतियों से निपटते हैं, और समावेशी विकास (inclusive growth) का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

4. सरकारी संसाधनों तक आसान पहुंच (Simplified Access to Government Resources)

कई केंद्रीय योजनाओं के विपरीत, ASPIRE पंजीकृत संस्थाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाता है।
कम पेपरवर्क और आउटकम-बेस्ड प्रपोज़ल पर ध्यान देने के साथ, संगठन बिना बड़ी नौकरशाही देरी के सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

Pro Tip: आवेदन फॉर्म और ऑपरेशनल गाइडलाइंस आधिकारिक ASPIRE स्कीम पेज पर उपलब्ध हैं, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सुलभ हो जाती है।

5. स्टार्टअप्स के लिए क्रेडिट और कैपिटल सक्षम करना (Enabling Credit and Capital for Startups)

हालांकि ASPIRE सीधे लोन नहीं देता, लेकिन LBIs और TBIs के माध्यम से इनक्यूबेट किए गए MSMEs अक्सर सरकार समर्थित लोन स्कीम्स जैसे CGTMSE के लिए पात्र हो जाते हैं या NBFCs (जैसे FlexiLoans) जैसे पार्टनर्स से फंडिंग प्राप्त कर सकते हैं।

यह incubation-to-credit pathway शुरुआती चरण के व्यवसायों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

5 लेयर्स के लाभ अनुदान → प्रशिक्षण → रोजगार सृजन → एमएसएमई विकास → ऋण पहुँच।

कई MSMEs अन्य पूरक सरकारी योजनाओं से भी लाभान्वित होते हैं। यदि आप अपना ज्ञान बढ़ाना चाहते हैं, तो भारत में MSMEs के लिए उपलब्ध शीर्ष सरकारी स्कीम्स ज़रूर देखें।

ASPIRE केवल एक फंडिंग स्कीम नहीं है, यह एक रणनीतिक पहल है जो ग्रामीण उद्यमिता और नवाचार (innovation) को पोषित करती है। वित्तीय सहायता को इनक्यूबेशन से जोड़कर, यह जमीनी स्तर के व्यवसायों को उन क्षेत्रों में फलने-फूलने में सक्षम बनाती है, जो भारत की समावेशी वृद्धि (inclusive growth) के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।

-एक विशेषज्ञ बिज़नेस कंसल्टेंट का कहना है
 

सामान्य गलतियाँ और रिजेक्शन से बचने के टिप्स (Common Mistakes & Tips to Avoid Rejection)

कई ASPIRE स्कीम के आवेदन इस वजह से रिजेक्ट नहीं होते कि उनके विचारों (ideas) में योग्यता (merit) की कमी होती है, बल्कि इसलिए कि डॉक्यूमेंटेशन या प्रपोज़ल स्ट्रक्चर में त्रुटियाँ होती हैं। इस सेक्शन में आम गलतियों और व्यावहारिक सलाह (practical advice) को बताया गया है, ताकि आपका प्रपोज़ल अलग दिखाई दे और MSME मंत्रालय द्वारा निर्धारित सभी मानदंडों को पूरा कर सके।

1. अधूरा या अस्पष्ट प्रोजेक्ट प्रपोज़ल जमा करना (Submitting an Incomplete or Vague Project Proposal)

रिजेक्शन के सबसे आम कारणों में से एक है अच्छी तरह से संरचित (well-structured) प्रोजेक्ट प्लान का न होना। आवेदक अक्सर ऐसे प्रपोज़ल जमा करते हैं जिनमें उद्देश्यों (objectives), अपेक्षित परिणाम (expected outcomes), कार्यान्वयन रणनीति (implementation strategy) या बजट आवंटन (budget allocation) पर स्पष्टता नहीं होती।

Tip: हमेशा एक विस्तृत बिज़नेस प्रपोज़ल दें जो स्पष्ट रूप से आपके प्रोजेक्ट के स्थानीय उद्यमिता (local entrepreneurship) पर प्रभाव, रोजगार सृजन की संभावना, लक्षित लाभार्थी (target beneficiaries), और अपेक्षित विकास मीट्रिक्स (expected growth metrics) को बताता हो। विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए यथार्थवादी (realistic) माइलस्टोन और टाइमलाइन शामिल करें।

2. अनिवार्य दस्तावेज़ों का न होना (Missing Mandatory Documents)

मुख्य दस्तावेज़ जैसे पंजीकरण प्रमाणपत्र (registration certificates), बैंक विवरण (bank details), या पिछले इनक्यूबेशन क्रेडेंशियल्स न देने से देरी या सीधे रिजेक्शन हो सकता है।
यहाँ तक कि मामूली विसंगतियाँ (discrepancies) — जैसे नाम या PAN नंबर में असमानता — भी वेरिफिकेशन के दौरान समस्या पैदा कर सकती हैं।

Tip: आवश्यक दस्तावेज़ों की एक मानक चेकलिस्ट (standard checklist) का उपयोग करें और हर प्रविष्टि को दो बार जाँचें। सुनिश्चित करें कि सभी अटैचमेंट स्पष्ट (clear) हों, जहाँ ज़रूरत हो वहाँ हस्ताक्षर (signed) किए गए हों, और निर्धारित प्रारूप (prescribed format) में जमा किए गए हों।

3. पुराने फॉर्मेट का उपयोग करना या गाइडलाइंस को नज़रअंदाज़ करना (Using Outdated Formats or Ignoring Guidelines)

यदि आप पुराने फॉर्म का उपयोग करके या अपडेटेड ASPIRE Guidelines के अनुरूप न होकर आवेदन जमा करते हैं, तो यह अयोग्यता (disqualification) का कारण बन सकता है।

Tip: आवेदन शुरू करने से पहले हमेशा नवीनतम ASPIRE Scheme Guidelines PDF देखें। आवश्यकता होने पर अपने नज़दीकी MSME Development Institute से स्पष्टीकरण प्राप्त करें।

4. फॉलो-अप या उत्तरदायित्व की कमी (Lack of Follow-Up or Responsiveness)

कुछ आवेदन इसलिए निष्क्रिय (inactive) हो जाते हैं क्योंकि आवेदक अधिकारियों की क्लैरिफिकेशन ईमेल या वेरिफिकेशन कॉल का जवाब देने में विफल हो जाते हैं।

Tip: आवेदन सबमिट करने के बाद संबंधित MSME-DI या नोडल ऑफिस से नियमित संपर्क बनाए रखें। सभी संचार (communication) का रिकॉर्ड रखें और आधिकारिक चैनलों (official channels) के माध्यम से अपनी आवेदन स्थिति ट्रैक करें।

अंतिम विचार: ASPIRE के माध्यम से आपके विकास को सशक्त बनाना (Final Thoughts: Empowering Your Growth Through Aspire)

ASPIRE स्कीम केवल एक फंडिंग इनिशिएटिव नहीं है; यह ग्रामीण इनोवेटर्स (innovators), स्किल डेवलपर्स और MSME उद्यमियों के लिए स्थानीय अर्थव्यवस्था (local economies) को बदलने का एक द्वार है।
इनक्यूबेशन, रोजगार सृजन और कम-एंट्री वित्तीय सहायता पर ध्यान केंद्रित करके, यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए मूल्यवान है जो सीमित संसाधनों के साथ जमीनी स्तर पर प्रभाव डालना चाहते हैं।

आवेदन प्रक्रिया को समझकर, आम गलतियों से बचकर, और सही सपोर्ट का लाभ उठाकर, आप अपनी सफलता की संभावनाओं को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं।

यदि आपका MSME विकास की तैयारी कर रहा है, तो विचार करें कि ASPIRE जैसी योजनाएँ कैसे विश्वसनीय NBFCs की स्मार्ट फंडिंग सॉल्यूशंस के साथ काम कर सकती हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

MSME संदर्भ में ASPIRE का पूरा नाम क्या है?

ASPIRE का अर्थ है A Scheme for Promotion of Innovation, Rural Industries and Entrepreneurship। इसे MSME मंत्रालय ने 2015 में लॉन्च किया था, ताकि बिज़नेस इनक्यूबेटर्स और ग्रामीण इनोवेशन को सपोर्ट किया जा सके।

ASPIRE स्कीम के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

पात्र आवेदकों में Technical Institutions, Industry Associations, NGOs, Universities और MSME Development Institutes शामिल हैं, जो Livelihood या Technology Business Incubators स्थापित करने की योजना बनाते हैं।

ASPIRE के अंतर्गत अधिकतम कितनी फंडिंग उपलब्ध है?

यह स्कीम Livelihood Business Incubators (LBIs) के लिए ₹75 लाख तक और Technology Business Incubators (TBIs) के लिए ₹1 करोड़ तक की फंडिंग देती है, जो प्रोजेक्ट के प्रकार और लागत पर निर्भर करती है।

क्या कोई व्यक्तिगत उद्यमी सीधे ASPIRE के तहत फंडिंग के लिए आवेदन कर सकता है?

नहीं, ASPIRE व्यक्तियों को सीधे फंडिंग नहीं देता। उद्यमी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ उठा सकते हैं, यदि वे इस स्कीम के अंतर्गत समर्थित इनक्यूबेटर्स से जुड़ते हैं।

ASPIRE किन व्यवसायों या सेक्टर्स को सपोर्ट करता है?

यह स्कीम कृषि-प्रसंस्करण (agro-processing), ग्रामीण निर्माण (rural manufacturing), गाँव-आधारित उद्योग (village industries) और ग्रामीण विकास व रोजगार सृजन पर केंद्रित इनोवेशन-आधारित स्टार्टअप्स को सपोर्ट करती है।

मैं ASPIRE स्कीम के लिए कैसे आवेदन कर सकता हूँ?

संस्थानों को एक विस्तृत प्रोजेक्ट प्रपोज़ल आधिकारिक MSME चैनलों के माध्यम से जमा करना होता है, जो अक्सर उनके क्षेत्रीय MSME Development Institutes द्वारा प्रोसेस किया जाता है। आवश्यक डॉक्यूमेंट्स और प्रपोज़ल गाइडलाइंस आधिकारिक ASPIRE स्कीम गाइडलाइंस में सूचीबद्ध हैं।

क्या अन्य स्कीम्स हैं जो ASPIRE के साथ अच्छी तरह काम करती हैं?

हाँ, ASPIRE अन्य योजनाओं जैसे PMEGP, CGTMSE और MUDRA Loans के साथ अच्छा तालमेल रखता है, जो MSMEs को क्रेडिट या सब्सिडी प्रदान करते हैं।

शब्दावली: ASPIRE स्कीम से जुड़े मुख्य शब्द (Glossary: Key Terms in the ASPIRE Scheme)

शब्द (Term) परिभाषा (Definition)
ASPIRE A Scheme for Promotion of Innovation, Rural Industries and Entrepreneurship – MSME मंत्रालय द्वारा 2015 में लॉन्च की गई योजना, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बिज़नेस इनक्यूबेशन को बढ़ावा देना है।
MSME Micro, Small, and Medium Enterprises – निवेश (plant & machinery) और वार्षिक टर्नओवर के आधार पर वर्गीकृत।
LBI (Livelihood Business Incubator) ASPIRE के अंतर्गत स्थापित केंद्र जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट, उद्यमिता प्रशिक्षण और माइक्रो-एंटरप्राइज इनक्यूबेशन प्रदान करते हैं।
TBI (Technology Business Incubator) ऐसे इनक्यूबेटर्स जो कृषि और ग्रामीण सेक्टर्स में नवाचार और टेक्नोलॉजी-आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देते हैं, और ASPIRE के अंतर्गत उच्च फंडिंग के पात्र होते हैं।
DC-MSME Development Commissioner, MSME – MSME मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय प्राधिकरण जो नीतियों और स्कीम्स के कार्यान्वयन का समन्वय करता है।
Project Proposal एक औपचारिक दस्तावेज़ जो ASPIRE के अंतर्गत आवेदन करने वाले संस्थान द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, जिसमें बिज़नेस मॉडल, अपेक्षित प्रभाव, लागत और कार्यान्वयन योजना शामिल होती है।
Utilisation Certificate एक दस्तावेज़ जो यह पुष्टि करता है कि ASPIRE जैसी स्कीम के तहत दिए गए फंड का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए किया गया है। आगे की किस्तें जारी करने के लिए यह आवश्यक है।

निशित भंडारी फ्लेक्सीलोन्स में एक फाइनेंस प्रोफेशनल और कंटेन्ट स्ट्रैटेजिस्ट हैं। यह एमएसएमई, बिज़नेस और टर्म लोन सॉल्यूशन पर फोकस करते हैं। डिजिटल लेंडिंग और क्रेडिट एक्सेस में 5 साल से अधिक अनुभव के साथ, इनके द्वारा लिखा गया कंटेन्ट उद्यमियों को सोच-समझकर फाइनेंशियल फैसले लेने में मदद करता है। इनका काम मुश्किल फाइनेंस कॉन्सेप्ट्स को आसान बनाने और छोटे बिज़नेस को भरोसे के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के जुनून से प्रेरित है। निशित ने एनएमआईएमएस, मुंबई से फाइनेंस में एमबीए किया है और वह आईआईबीएफ से सर्टिफाइड क्रेडिट प्रोफेशनल हैं। फ्लेक्सीलोन्स में शामिल होने से पहले, उन्होंने एपिमनी प्राइवेट लिमिटेड के साथ काम किया, जहाँ इन्होंने क्रेडिट मैनेजमेंट और लेंडिंग ऑपरेशंस में प्रैक्टिकल अनुभव हासिल किया।