भारत में छोटे व्यवसायों के लिए शीर्ष सरकारी लोन योजनाएं: केंद्र और राज्य विकल्प (2026 गाइड)
Jan 13, 2026
Jan 27, 2026

MSMEs, कारीगरों, उद्यमियों और छोटे व्यापारियों के लिए सरकारी फाइनेंसिंग योजनाओं की पूरी जानकारी
Authored By FlexiLoans | Date: 13/01/2026
- संक्षिप्त सारांश
- क्या: माइक्रो और स्मॉल बिज़नेस लोन छोटे टिकट साइज के, अल्पकालिक फाइनेंसिंग समाधान होते हैं, जिनकी राशि आमतौर पर ₹50,000 से ₹10 लाख तक होती है और ये सूक्ष्म व छोटे व्यवसायों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
- क्यों: ये लोन इन्वेंटरी रीस्टॉक करने, उपकरण अपग्रेड करने, वर्किंग कैपिटल की कमी पूरी करने या सीज़नल डिमांड मैनेज करने जैसी ज़रूरी बिज़नेस आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
- कौन: प्रोप्राइटरशिप फर्म, छोटे रिटेलर्स, कारीगर, स्ट्रीट वेंडर्स, सर्विस प्रोवाइडर्स और होम-बेस्ड MSMEs के लिए उपयुक्त।
- कैसे: कम दस्तावेज़ों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। अधिकांश योजनाओं में गारंटी की आवश्यकता नहीं होती और लोन प्रोसेसिंग अपेक्षाकृत तेज़ होती है।
- उपयोग उदाहरण: पड़ोस का एक दूध विक्रेता त्योहारों से पहले ₹2 लाख का माइक्रो लोन लेकर स्टॉक बढ़ाता है और तीन महीनों में सुरक्षित रूप से लोन चुका देता है।
भारत में छोटे व्यवसायों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक आज भी किफायती और समय पर क्रेडिट तक पहुंच है। चाहे आप एक नया उद्यम शुरू कर रहे हों, ग्रामीण कारीगर हों या वर्षों से MSME चला रहे हों, सही समय पर सही फंडिंग आपके बिज़नेस की दिशा तय कर सकती है।
इसी ज़रूरत को समझते हुए, भारत सरकार ने छोटे व्यवसायों, महिलाओं, SC/ST उद्यमियों, स्ट्रीट वेंडर्स और ग्रामीण इकाइयों के लिए कई सरकारी लोन योजनाएं शुरू की हैं। इनमें बिना गारंटी लोन, ब्याज सब्सिडी और विशेष श्रेणियों के लिए लक्षित फंडिंग शामिल है।
इस 2026 गाइड में हम जानेंगे:
- भारत की प्रमुख सरकारी बिज़नेस लोन योजनाएं
- कौन-सी योजना किसके लिए उपयुक्त है
- आवेदन प्रक्रिया और पात्रता
- और छोटे व्यवसाय इन योजनाओं से कैसे लाभ उठा सकते हैं|
सरकारी लोन योजनाएं MSMEs को समर्थन देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साधन हैं, खासकर उन छोटे व्यवसायों के लिए जिन्हें पारंपरिक बैंकिंग क्रेडिट तक आसानी से पहुंच नहीं मिल पाती। फाइनेंशियल इनक्लूज़न को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिज़ाइन की गई ये योजनाएं कम ब्याज दर, लचीली शर्तों और सरल दस्तावेज़ी प्रक्रिया के साथ आती हैं।
चाहे वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत हो या मशीनरी व उपकरणों का अपग्रेड, ये योजनाएं छोटे व्यवसायों को अपने ऑपरेशन्स स्केल करने, बाज़ार में प्रतिस्पर्धी बने रहने और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने में मदद करती हैं।
आइए 2026 में उपलब्ध उन प्रमुख सरकारी योजनाओं को विस्तार से समझते हैं, जो आपके बिज़नेस को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं।
भारत में छोटे व्यवसायों के लिए प्रमुख सरकारी लोन योजनाएं (2026)
छोटे व्यवसायों को अपने कारोबार की शुरुआत, संचालन या विस्तार के लिए अक्सर बाहरी फंडिंग की आवश्यकता होती है। इसी ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार MSMEs, माइक्रो-उद्यमियों, कारीगरों और छोटे रिटेलर्स के लिए कम ब्याज और बिना गारंटी वाली कई लोन योजनाएं लगातार लागू कर रही है।
नीचे 2026 में सक्रिय और सबसे प्रभावी सरकारी लोन योजनाओं की जानकारी दी गई है:
1. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM MUDRA Yojana – Micro Units Development & Refinance Agency)
मुद्रा योजना उन छोटे व्यवसायों, कारीगरों और सर्विस प्रोवाइडर्स को फाइनेंशियल सपोर्ट प्रदान करती है, जिनके पास औपचारिक क्रेडिट तक सीमित पहुंच होती है।
लोन राशि:
- शिशु: ₹50,000 तक
- किशोर: ₹50,001 – ₹5 लाख
- तरुण: ₹5 लाख – ₹10 लाख
- तरुण प्लस (2026): ₹10 लाख – ₹20 लाख
पात्रता:
माइक्रो-उद्यमी, व्यापारी, कारीगर और सर्विस प्रोवाइडर्स।
गारंटी (Collateral):
आवश्यक नहीं।
मुख्य लाभ:
- कोई प्रोसेसिंग फीस या गारंटर की आवश्यकता नहीं
- महिलाओं और SC/ST उद्यमियों के लिए सब्सिडाइज़्ड ब्याज दर
- बैंक, NBFC और MFIs के माध्यम से उपलब्ध
- Udyam पोर्टल या लेंडर की वेबसाइट से डिजिटल आवेदन की सुविधा
2. स्टैंड-अप इंडिया योजना (Stand-Up India Scheme)
स्टैंड-अप इंडिया योजना का उद्देश्य महिलाओं और SC/ST उद्यमियों को ग्रीनफील्ड बिज़नेस शुरू करने के लिए बैंक लोन उपलब्ध कराना है।
लोन राशि:
₹10 लाख से ₹1 करोड़
पात्रता:
SC/ST या महिला उद्यमी जो नया मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग या सर्विस बिज़नेस शुरू कर रहे हों।
गारंटी (Collateral):
बैंक या लेंडर की नीति के अनुसार आवश्यक हो सकती है।
मुख्य लाभ:
- टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल का संयुक्त (Composite) लोन
- 7 वर्षों तक की रीपेमेंट अवधि
- आवेदन पोर्टल: standupmitra.in
3. CGTMSE
(Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises)
यह योजना उन नए या छोटे व्यवसायों के लिए बनाई गई है जिनके पास अच्छा बिज़नेस आइडिया है, लेकिन गारंटी के लिए संपत्ति उपलब्ध नहीं है। CGTMSE बैंकों और NBFCs द्वारा दिए गए लोन पर सरकारी गारंटी प्रदान करती है।
लोन राशि:
₹5 करोड़ तक
पात्रता:
मैन्युफैक्चरिंग या सर्विस सेक्टर में कार्यरत नए या मौजूदा MSEs।
गारंटी (Collateral):
आवश्यक नहीं (75–85% तक सरकारी गारंटी)
मुख्य लाभ:
- बिना गारंटी के बिज़नेस लोन की सुविधा
- Udyam-रजिस्टर्ड व्यवसायों के लिए तेज़ स्वीकृति
- SIDBI और MSME मंत्रालय द्वारा समर्थित
CGTMSE-समर्थित लोन आप सहभागी बैंकों या NBFCs के माध्यम से ले सकते हैं।
4. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi – Street Vendor AtmaNirbhar Nidhi)
यह योजना शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को माइक्रो-क्रेडिट प्रदान करने के लिए शुरू की गई है, खासकर COVID-19 के बाद उनकी आजीविका को मज़बूत करने के उद्देश्य से।
लोन राशि:
₹10,000 → ₹20,000 → ₹50,000 (चरणबद्ध रूप से)
पात्रता:
शहरी क्षेत्रों में कार्यरत स्ट्रीट वेंडर्स, जिनके पास वैध पहचान प्रमाण या वेंडिंग सर्टिफिकेट हो।
गारंटी (Collateral):
आवश्यक नहीं।
मुख्य लाभ:
- समय पर EMI भुगतान पर 7% ब्याज सब्सिडी
- डिजिटल ट्रांज़ैक्शन पर कैशबैक रिवॉर्ड
- UPI-आधारित ट्रैकिंग और सपोर्ट
- आवेदन पोर्टल: pmsvanidhi.mohua.gov.in
5. स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (Startup India Seed Fund Scheme)
स्टार्टअप इंडिया यह सरकारी योजना शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को आइडिया से एग्ज़ीक्यूशन तक पहुंचाने के लिए सीड फंडिंग प्रदान करती है।
किसके लिए:
DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स जो Proof-of-Concept या प्रोटोटाइप स्टेज में हों।
स्टार्टअप:
- पिछले 2 वर्षों में स्थापित हुआ हो
- कम से कम 51% भारतीय स्वामित्व हो
- किसी अन्य केंद्र सरकार की योजना से ₹10 लाख से अधिक फंड न लिया हो
लोन/ग्रांट राशि:
- प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ट्रायल या PoC के लिए ₹20 लाख तक
- मार्केट एंट्री, कमर्शियलाइज़ेशन या विस्तार के लिए ₹50 लाख तक (कन्वर्टिबल डेबेंचर/डेब्ट के माध्यम से)
गारंटी (Collateral):
आवश्यक नहीं।
मुख्य लाभ:
- सरकारी-मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स के माध्यम से डिस्बर्सल
- सभी सेक्टर्स के स्टार्टअप्स के लिए खुली योजना
- हज़ारों स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप से बिज़नेस बनाने में सहायता
- आवेदन पोर्टल: seedfund.startupindia.gov.in
6. राज्य सरकार की MSME योजनाएं (2026 अपडेट)
भारत के कई राज्य अपनी-अपनी MSME नीतियों के तहत अलग-अलग फाइनेंसिंग योजनाएं संचालित करते हैं:
- महाराष्ट्र उद्योगिनी योजना: महिलाओं के लिए ₹3 लाख तक का लोन
- तमिलनाडु MSME क्रेडिट गारंटी स्कीम: ₹1 करोड़ तक राज्य-समर्थित क्रेडिट
- गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2020 (विस्तारित लाभ): MSMEs के लिए ब्याज सब्सिडी
- कर्नाटक Elevate: इनोवेटिव स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए सीड फंडिंग
नोट:
पात्रता, लाभ और आवेदन समय-सीमा राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आवेदन से पहले संबंधित राज्य के आधिकारिक पोर्टल की जांच अवश्य करें।
फाइनेंस तक पहुंच कभी भी किसी अच्छे बिज़नेस आइडिया के असफल होने का कारण नहीं बननी चाहिए। माइक्रो बिज़नेस लोन छोटे उद्यमों को विस्तार करने, डिजिटल बनने या प्रतिस्पर्धी बाज़ार में खुद को बनाए रखने के लिए आवश्यक गति प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष
सरकारी लोन योजनाएं भारत के छोटे और सूक्ष्म व्यवसायों को सशक्त बनाने में आज भी अहम भूमिका निभा रही हैं। चाहे आप एक स्ट्रीट वेंडर हों, टेक स्टार्टअप के संस्थापक हों, या कोई महिला उद्यमी जो ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रही हों, 2026 में आपके लिए कोई न कोई योजना अवश्य उपलब्ध है।
ये योजनाएं सिर्फ फाइनेंशियल सपोर्ट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वरोज़गार, इनोवेशन और सस्टेनेबल ग्रोथ के अवसर भी प्रदान करती हैं।
आवेदन करने से पहले पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज़ और रीपेमेंट शर्तों की आधिकारिक स्रोतों से जांच करना बेहद ज़रूरी है।
यदि आपको सरकारी योजनाओं के अतिरिक्त फंडिंग की आवश्यकता हो, तो FlexiLoans जैसे प्राइवेट डिजिटल लेंडर्स को भी एक्सप्लोर किया जा सकता है, जो तेज़, बिना गारंटी और MSME-फोकस्ड फाइनेंसिंग समाधान प्रदान करते हैं और सरकारी लोन को प्रभावी रूप से पूरक बनाते हैं।
FAQs: सरकारी बिज़नेस लोन योजनाएं
Ans: यह आपके बिज़नेस के प्रकार और फंडिंग आवश्यकता पर निर्भर करता है। माइक्रो व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए PM MUDRA योजना और CGTMSE सबसे लोकप्रिय विकल्प माने जाते हैं, खासकर जब बिना गारंटी लोन की आवश्यकता हो।
Ans: हाँ, आप एक से अधिक योजनाओं के लिए पात्र हो सकते हैं। हालांकि, अंतिम स्वीकृति संबंधित बैंक या लेंडिंग संस्थान की नीतियों पर निर्भर करती है।
Ans: हाँ। PM MUDRA, PM SVANidhi और CGTMSE जैसी योजनाएं पात्र आवेदकों को बिना किसी संपत्ति गिरवी रखे लोन प्रदान करती हैं।
Ans: कई योजनाओं में ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलता है। उदाहरण के तौर पर, PM SVANidhi योजना में समय पर भुगतान करने पर 7% ब्याज सब्सिडी दी जाती है।
Ans: आमतौर पर आधार कार्ड, PAN कार्ड, बिज़नेस रजिस्ट्रेशन प्रमाण, और फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स (जैसे बैंक स्टेटमेंट या ITR) की आवश्यकता होती है।
Ans: प्रोसेसिंग समय योजना और लेंडर के अनुसार बदलता है, लेकिन अधिकांश मामलों में 15–30 दिनों के भीतर लोन स्वीकृत हो जाता है।
Ans: नहीं। FlexiLoans एक प्राइवेट NBFC है जो डिजिटल माध्यम से लोन प्रदान करता है। हालांकि, यह सरकारी योजनाओं के साथ आपकी फंडिंग ज़रूरतों को पूरा करने में सहायक हो सकता है।
Ans: आप अपने नज़दीकी बैंक ब्रांच के माध्यम से या standupmitra.in और udyamimitra.in जैसे आधिकारिक पोर्टल्स पर आवेदन कर सकते हैं।
Ans: हाँ। स्टार्टअप्स DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स के माध्यम से CGTMSE-समर्थित लोन या Startup India Seed Fund के लिए आवेदन कर सकते हैं।
Ans: हाँ। प्रत्येक राज्य की MSME नीति अलग होती है। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र की उद्योगिनी योजना और कर्नाटक की Elevate योजना राज्य-विशिष्ट लाभ प्रदान करती हैं।
ग्लॉसरी: प्रमुख शब्दों की व्याख्या (Glossary)
| शब्द | अर्थ |
| MSME | सरकार द्वारा परिभाषित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम |
| Collateral-Free Loan | ऐसा लोन जिसमें किसी संपत्ति को गिरवी नहीं रखना पड़ता |
| CGTMSE | बिना गारंटी MSME लोन के लिए सरकारी गारंटी ट्रस्ट |
| MUDRA | माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी |
| Stand-Up India | SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए योजना |
| PM SVANidhi | स्ट्रीट वेंडर्स के लिए वर्किंग कैपिटल योजना |
| Greenfield Project | नया मैन्युफैक्चरिंग या सर्विस बिज़नेस |
| DPIIT | उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग |
| Udyam Registration | MSMEs के लिए आवश्यक सरकारी पंजीकरण |
| SIDBI | स्मॉल इंडस्ट्रीज़ डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया |
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